Home
» Important
» ZZZ
» समाज बेटियों की चिंता क्यों करता है - Samaaj betiyon ki chinta kyo karta hai
समाज बेटियों की चिंता क्यों करता है - Samaaj betiyon ki chinta kyo karta hai
Why society does concern of daughters. समाज बेटियों की चिंता क्यों करता है - Samaaj betiyon ki chinta kyo karta hai. लड़के और लड़की में क्या अंतर है? लड़की और लड़का चाहिए, एक लड़की जब घर से बाहर निकलती है, लड़की को कैसे बचाएं, लड़की की सुरक्षा क्यों जरुरी है? एक लड़की की कहानी इन हिंदी.

एक बार एक संत कथा सुना रहे थे सभी लोग पुरे ध्यान और शांति से कथा सुन रहे थे. एक लड़की कथा के बीच में ही खड़ी हो गई। चेहरे पर गुस्सा झलक रहा था.
संत ने पूछा - क्या हुआ बेटी घबराओ मत मुझे बताओ. क्या बात है?
लड़की ने कहा - महाराज हमारे समाज में लड़कों को हर प्रकार की आजादी होती है। वो कुछ भी करे, कहीं भी जाए लेकिन उन्हें कोई ना रोकता है ना टोकता है लेकिन इसके विपरीत लड़कियों को बात बात पर टोका जाता है। यह मत करो, यहाँ मत जाओ, घर जल्दी आ जाओ और भी बहुत कुछ।
संत मुस्कुराए और कहा - बेटी तुमने कभी लोहे की दुकान के बाहर पड़े लोहे के गार्टर देखे हैं? ये गार्टर सर्दी, गर्मी, बरसात, रात में और दिन में इसी प्रकार पड़े रहते हैं। इनका कुछ नहीं बिगड़ता और इनकी कीमत पर भी कोई अन्तर नहीं पड़ता। लड़कों के लिए कुछ इसी प्रकार की सोच है समाज में। लेकिन अब तुम एक जौहरी की दुकान के बारे में सोचो जहाँ एक बड़ी तिजोरी होती है. उस बड़ी तिजोरी में एक छोटी तिजोरी है।
उस छोटी तिजोरी में रखी छोटी सुन्दर सी डिब्बी में रेशम पर नज़ाकत से रखा चमचमाता हीरा होता है। वह जौहरी उस हीरे को इतना छिपाकर इसलिए रखता है क्योंकि वो जानता है कि अगर हीरे में जरा भी खरोंच आ गई तो उसकी कोई कीमत नहीं रहेगी। समाज में बेटियों की अहमियत भी कुछ इसी प्रकार की है। पूरे घर को रोशन करते झिलमिलाते हीरे की तरह। जरा सी खरोंच से उसके और उसके परिवार के
उस छोटी तिजोरी में रखी छोटी सुन्दर सी डिब्बी में रेशम पर नज़ाकत से रखा चमचमाता हीरा होता है। वह जौहरी उस हीरे को इतना छिपाकर इसलिए रखता है क्योंकि वो जानता है कि अगर हीरे में जरा भी खरोंच आ गई तो उसकी कोई कीमत नहीं रहेगी। समाज में बेटियों की अहमियत भी कुछ इसी प्रकार की है। पूरे घर को रोशन करते झिलमिलाते हीरे की तरह। जरा सी खरोंच से उसके और उसके परिवार के
पास कुछ नहीं बचता। बस यही अन्तर है लड़कियों और लड़कों में।
पूरी सभा में चुप्पी छा गई। उस बेटी के साथ पूरी सभा की आँखों में छाई नमी साफ-साफ बता रही थी लोहे और हीरे में फर्क।
Thanks for reading...
Tags: Why society does concern of daughters. समाज बेटियों की चिंता क्यों करता है - Samaaj betiyon ki chinta kyo karta hai. लड़के और लड़की में क्या अंतर है? लड़की और लड़का चाहिए, एक लड़की जब घर से बाहर निकलती है, लड़की को कैसे बचाएं, लड़की की सुरक्षा क्यों जरुरी है? एक लड़की की कहानी इन हिंदी.
Thanks for reading...
Tags: Why society does concern of daughters. समाज बेटियों की चिंता क्यों करता है - Samaaj betiyon ki chinta kyo karta hai. लड़के और लड़की में क्या अंतर है? लड़की और लड़का चाहिए, एक लड़की जब घर से बाहर निकलती है, लड़की को कैसे बचाएं, लड़की की सुरक्षा क्यों जरुरी है? एक लड़की की कहानी इन हिंदी.
आपके लिए कुछ विशेष लेख
- इंडियन गांव लड़कियों के नंबर की लिस्ट - Ganv ki ladkiyon ke whatsapp mobile number
- रण्डी का मोबाइल व्हाट्सअप्प कांटेक्ट नंबर - Randi ka mobile whatsapp number
- सेक्स करने के लिए लड़की चाहिए - Sex karne ke liye sunder ladki chahiye
- नई रिलीज होने वाली फिल्मों की जानकारी और ट्रेलर, new bollywood movie trailer 2018
- अनाथ मुली विवाह संस्था फोन नंबर चाहिए - Anath aashram ka mobile number
- किन्नर व्हाट्सप्प मोबाइल नंबर फोन चाहिए - Kinner whatsapp mobile phone number
- Ghar Jamai rishta contact number - घर जमाई लड़का चाहिए
- लड़की महिला औरत को गर्म कैसे करें - Ladki ko garam karne ka tarika in hindi
- भारतीय हीरोइन के नाम की सूची - List of names of Bollywood actresses
- मैं अकेली हूँ, मुझे अभी फोन करो - क्या अकेले हैं आप? Please call me
एक टिप्पणी भेजें
प्रिय दोस्त, आपने हमारा पोस्ट पढ़ा इसके लिए हम आपका धन्यवाद करते है. आपको हमारा यह पोस्ट कैसा लगा और आप क्या नया चाहते है इस बारे में कमेंट करके जरुर बताएं. कमेंट बॉक्स में अपने विचार लिखें और Publish बटन को दबाएँ.